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श्री जोशीः लेकिन मेरे विचार में उस बयान के अनुसार श्रमिकों को अल्पसंख्यक वर्ग नहीं माना जा सकता।
अध्यक्षः मैं इसे नकार भी नहीं सकता।
डॉ. अम्बेडकरः मुझे ये शब्द स्वीकार होंगेः ‘जब तक उनकी मांगें समुचित ढंग से नहीं मान ली जातीं।’
अध्यक्षः इससे तो यह निरर्थक ही हो जाता है।
डॉ. अम्बेडकरः अथवा यह कि ‘जब तक कि उनकी उचित मांगें नहीं मान ली जातीं।’
श्री जफरुल्ला खांः अगर मांगों को उचित ढंग से मान लिया जाता है तो क्या सभी इससे संतुष्ट होंगे।
श्री फुटः यह तो किसी मांग को दर्ज करने भर की बात है।
अध्यक्षः हां, यह तो किसी मांग को दर्ज करना भर है। इसे एक नए पैराग्राफ 18 के रूप में जोड़ लिया जाना चाहिए।