उप-समिति संख्या 3
बहुसंख्यकों के इस अत्याचार को हर कीमत पर रोकना होगा।
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दलितों का मानना है कि ‘सामाजिक बहिष्कार’ की इस कुरीति से उन्हें तभी छुटकारा मिलेगा, जब इसे दंडनीय अपराध के रूप में दर्ज किया जाएगा। अतः भारत सरकार अधिनियम, 1919, भाग 11 में निम्नांकित धारा को जोड़ा जाए।
I. बहिस्कार के अपराध की परिभाषा
(क) एक व्यक्ति यदि दूसरे व्यक्ति को जमीन या मकान किराए या पट्टठ्ठे पर देने, ¹यह बर्मा के बहिष्कार विरोधी उसके साथ व्यापार करने, कोई अन्य काम करने से मना अधिनियम, 1922 से लिया गया करता है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में वह करता, तो है। भारत की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ संशोधन किए गए हैं।ह् इसे बहिष्कार माना जाएगा, अथवा(ख) समाज में प्रचलित ऐसे सामाजिक, व्यावहारिक
अथवा व्यापारिक संबंध रखने से, जो संविधान में दर्ज
मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते, आपत्ति व्यक्ति करता है, अथवा
(ग) दूसरे व्यक्ति के विधिक अधिकारों के उपयोग में बाधाएं खड़ी करता है,
रोकने की कोशिश करता है, हस्तक्षेप करता है।
II. बहिष्कार के लिए दंड
कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के ऐसे काम पर जिसे वह कानूनन कर सकता है, अथवा ऐसा काम न करने पर जिसे कानूनन नहीं करना चाहिए, बहिष्कार करता है, अथवा इस आशय से कि कोई व्यक्ति ऐसा काम करे, जो कानूनन उसे नहीं करना चाहिए, या ऐसा काम न करे, जिसे वह करने का हकदार है, अथवा किसी व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक क्षति पहुंचाने, प्रतिष्ठा गिराने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कारोबार में बाधा डालने, उसके रहन-सहन को प्रभावित करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति का, या इससे संबद्ध दूसरे व्यक्ति का बहिष्कार करता है, उसे सात साल की कैद अथवा जुर्माना, या दोनों दंड दिए जाएंगे।
अपवादः अगर अदालत इस बात से संतुष्ट है कि अभियुक्त ने यह काम किसी दूसरे व्यक्ति के उकसाने, या उसकी सांठ-गांठ या किसी षड्यंत्र या किसी सामूहिक समझौते के तहत नहीं किया है, तो इस कृत्य को इस धारा के तहत अपराध नहीं माना जाएगा।
III. बहिष्कार के लिए उकसाने अथवा प्रोत्साहित करने के लिए दंड
कोई भी व्यक्ति जो किसी दूसरे व्यक्ति या समूह के बहिष्कार के लिए-
(क) सार्वजनिक रूप से कोई प्रस्ताव रखता हो, प्रकाशित करता हो या बांटता हो, अथवा
(ख) इस उद्देश्य से या यह जानते हुए कि इससे बहिष्कार को बढ़ावा मिलेगा,
सार्वजनिक रूप से किसी बयान, अफवाह या रिपोर्ट को पढ़ता हो, प्रकाशित