5. उप-समिति संख्या 6 (मताधिकार) - Page 90

उप-समिति संख्या 6

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सुझाव सर्वसम्मत है, क्योंकि मैं इससे सहमत नहीं हूं और मैं पूर्ण सम्मेलन में वयस्क मताधिकार के प्रश्न को फिर से उठाने का अपना मताधिकार सुरक्षित रखता हूं।

डॉ. अम्बेडकरः मेरी भी यही स्थिति है।

श्री जोशीः इसे रिपोर्ट में दर्ज कर दिया जाए।

* * * *

डॉ. अम्बेडकरऽः यह दूसरा सबसे अच्छा विकल्प होगा, बशर्ते कि हम यह जान पाएं कि यह सफल हो जाएगा। (सभी को वयस्क मताधिकार)।

अध्यक्षः इस शर्त के अलावा बाकी मुद्दों पर क्या समिति के शेष सदस्य सहमत हैं?

माननीय कावसजी जहांगीरः मैं 25 प्रतिशत की इस संख्या से सहमत नहीं हूं। हमें तो सभी तथ्य मिलने चाहिए।

अध्यक्षः हम यह सुझाव रख रहे हैं कि विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए।

माननीय पी.सी. मित्तरः जब तक हमें तथ्यों की जानकारी न हो, हमारे लिए प्रतिबद्ध होना उचित नहीं होगा।

अध्यक्षः अपना काम विशेषज्ञों की मताधिकार समिति को सौंप देने से हमारा काम नहीं चलेगा। हम एक ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में हैं कि हमें कोई न कोई सिफारिश करनी पड़ रही है और हम यह भी नहीं कह सकते कि हम सिफारिश केवल इसलिए कर रहे हैं कि हमारा अपना काम कोई और संभाल ले।

माननीय पी.सी. मित्तरः मैं सिर्फ अपनी व्यक्तिगत राय दे रहा हूं। मैं तो मताधिकार समिति को यह सुझाव देना चाहता हूं कि वृद्धि होनी चाहिए और जितनी वृद्धि संभव हो, उतनी होनी चाहिए और मुझे 10 या 20 या 50 प्रतिशत की वृद्धि पर भी कोई आपत्ति नहीं होगी, बशर्ते कि मुझे सभी तथ्यों की पहले से जानकारी हो, जिनके आधार पर मैं अपनी राय कायम कर सकूं।

अध्यक्षः माननीय प्रोवेश! क्या आप कोई ऐसी शर्त रखना चाहते हैं कि कोई भी सिफारिश, चाहे वह अधिकतम से संबद्ध हो या न्यूनतम से, इसका निर्णय मताधिकार समिति पर ही छोड़ दिया जाना चाहिए? मेरा विचार है कि हमें समिति का कुछ मार्गदर्शन जरूर करना चाहिए। लेकिन हम अपनी मंजिल के काफी करीब पहुंच गए हैं, और आपसे बाद में इस विषय पर बातचीत करना चाहेंगे।

श्री चिंतामणिः महोदय! मैं नहीं जानता कि आप उस सुझाव से, जो मैं देने वाला हूं, सहमत होंगे या नहीं। लेकिन हमारे पास एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह है कि

ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि सब-कमेटी नं. 6 (फ्रेन्चाइज), पृ. 76-78