हिंदू समाज-व्यवस्थाः इसकी अनोखी विशेषताएं
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जाति की तुलना में महामानव की जाति हो। दूसरी ओर मनु की अभिरुचि उस वर्ग के विशेषाधिकार को बनाए रखने में थी जो वर्ग महामानव होने के अपने दावे को पुष्ट करने के लिए ही आया था। नीत्शे का महामानव अपनी योग्यता के कारण महामानव था। नीत्शे निष्पक्ष दार्शनिक था। दूसरी ओर मनु एक कर्मचारी था जिसे ऐसे दर्शन की स्थापना के लिए रखा गया था जो ऐसे वर्ग के हितों का पोषण करे जिस समूह में वह पैदा हुआ था और जिसका महामानव होने का हक उसके गुणहीन होने के बावजूद भी न छीना जाए। मनु की निम्नांकित उक्ति की तुलना करें। ख्1, ः
10.81 यदि कोई ब्राह्मण अपने कर्तव्यों के निर्वहन से निर्वाह करने में
असमर्थ है तो क्षत्रिय का कर्म करते हुए जीवन निर्वाह करे क्योंकि वह
उससे अगले वर्ण का है।
10.82 दोनों (ब्राह्मण कर्म तथा क्षत्रिय कर्म) से जीवन निर्वाह नहीं कर
सकता हुआ ब्राह्मण किस प्रकार रहे? ऐसा संदेह उपस्थित हो जाए, तो वैश्य
के कर्म, खेती, गोपालन और व्यापार से जीविका करे।
9.317 ब्राह्मण चाहे मूर्ख हो या बुद्धिमान, वह महान पूज्य व्यक्ति होता
है, ठीक वैसे ही जैसे अग्नि, चाहे वह शास्त्र विधि से स्थापित है अथवा
सामान्य अग्नि है, पूज्य होती है।
9.319 इस प्रकार ब्राह्मण सभी प्रकार के कोई (तुच्छ) कार्य भी करे, उन्हें
हर हालत में सम्मान दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह उत्तम देवता है।
नीत्शे द्वारा मनुस्मृति की प्रशंसा ठीक नहीं है, क्योंकि जब वह कहता है कि उनकी योजनानुसार कुलीन वर्ग, दार्शनिक तथा योद्धा जनता-जनार्दन की रक्षा करते हैं तथा मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तो उसने इसे ठीक नहीं पढ़ा या वह गलतबयानी कर रहा है। मनुस्मृति के अनुसार महामानव का सामान्य जन पर आधिपत्य होता है, पर उसका सामान्य जन के प्रति कोई कर्तव्य नहीं होता।
नीत्शे के महामानव के दर्शन की तुलना में मनु के महामानव का पतित दर्शन कहीं अधिक घृणित और कुत्सित है ऐसी है उसकी समाज-व्यवस्था, जिसे हिंदू अमूल्य मानते हैं, और जिस पर श्री गांधी को गर्व है तथा जिसे वह हिंदुओं की ओर से विश्व को उपहार-स्वरूप देना चाहते हैं।
हिंदू समाज-व्यवस्था की दूसरी विशिष्टता उसके संरक्षण की तरकीब से संबंधित है। इसके दो रूप हैं।
- ब्राह्मण का सही विवरण सर्वोत्तम महामानव होग, क्योंकि उससे नीचे सामान्य जन से ऊपर क्षत्रिय
तथा वैश्य होते हैं, न कि महामानव, अतः नाम-परिवर्तन करना आवश्यक नहीं होगा।