1. हिंदुत्व के प्रतीक - Page 177

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जाता है। ये जुलाहे होते हैं, जिनके पास सूती तथा रेशमी कपड़े बुनने के अलावा कमाई का कोई अन्य साधन नहीं होता है। वे निम्न जाति के लोग होते हैं और उनके पास न के बराबर पैसा होता है, इसलिए वे निम्न स्तर के लोगों के लिए ही कपड़े बनाते हैं। वे स्वेच्छा से अलग रहते है और उनकी अपनी अलग मूर्ति-पूजा होती है।’’

‘‘उपर्युक्त जातियों से नीचे ग्यारह अन्य जातियां और है जिनके साथ दूसरे लोग संबंध स्थापित नहीं करना चाहते, न ही उन्हें वे मृत्यु-दंड के भय से छूते हैं। उनमें आपस में भी बहुत बड़ा अंतर होता है। वे एक-दूसरे के साथ घुल-मिल नहीं सकते। इन निम्न जातियों में तूआस सबसे अधिक विशुद्ध जाति मानी जाती है। उनका मुख्य पेशा खजूर के पेड़ उगाना तथा उनके फल इकट्ठा करना होता है, जिसे वे सिर तथा पीठ पर लादकर बेचने के लिए ले जाते हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में बोझा ढोने के लिए भारवाही पशु नहीं होते हैं।’’

‘‘इन जातियों से भी निम्न स्तर की एक अन्य जाति मानेन (छपी हुई पुस्तक में मैंकु है) होती है जो न तो दूसरों के साथ संबंध स्थापित करते हैं, न ही दूसरों को छूते है और न ही अन्य लोग उन्हें छूते हैं। जन-सामान्य के लिए वे धोबी होते हैं तथा वे चटाई बनाने का व्यवसाय करते हैं जिसे उन्हें छोड़कर दूसरों को वंचित किया जाता है। उनके बेटे जबरदस्ती वही व्यवसाय करते है उनकी मूर्ति-पूजा का ढंग बिल्कुल अलग होता है।’’

‘‘इस क्षेत्र में इससे भी निम्न स्तर की जाति होती है, जिसे कैनेकास कहा जाता है। इनका व्यवसाय बकसुए तथा छतरी बनाना होता है। वे अक्षर ज्ञान

खगोल विद्या के उद्देश्य से ही प्राप्त करते हैं। वे बहुत बड़े ज्योतिषी होते हैं और आने वाली घटनाओं के बारे में बहुत ही सत्यता के साथ भविष्यवाणी करते हैं। कुछ सामंत उन्हेंं इसी निमित्त रखते हैं।’’

‘‘एक और भी मूर्ति-पूजक निम्न जाति है, जिसे जेरस कहते हैं। वे मिस्त्री, बढ़ई, लुहार, कसेरे तथा कुछ सुनार होते हैं। इनमें से सभी सामान्य स्तर के होते हैं जिनकी अलग जाति होती है और जिनकी मूर्तियां अन्य लोगों से भिन्न होती हैं। ये शादी करते हैं तथा इनके बेटे इनकी संपत्ति के हकदार होते हैं और अपने पूर्वजों के व्यवसाय की शिक्षा लेते हैं।’’

‘‘इस देश में इससे भी निम्न स्तर की एक जाति होती है, जिसे मोजेरस कहा जाता है। वे ठीक लुआस की तरह होते है, लेकिन वे एक-दूसरे को स्पर्श