6. ब्राह्मण साहित्य - Page 118

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ब्राह्मण साहित्य

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सोर्स मैटिरियल पब्लिकेशन कमेटी को

पृष्ठ छह से चौदह और पृष्ठ सत्रह से उनतालीस तक मूल अंगे्रजी के

इस निबंध के बिखरे हुए पन्ने मिले थे। ऐसा लगता है कि ये पृष्ठ

‘दि डिक्लाइन एंड फाल आफ बुद्धिज्म’ (बौद्ध धर्म की अवनति तथा

पतन) नामक लेख के ही अंतिम अंश के रूप में लिखे गए थे। कुछ

पन्ने मूल हैं, तो शेष की कार्बन प्रति है। इनके अतिरिक्त चौदह पृष्ठ

और मिले हैं, जिनमें वेदांत सूत्रों और भगवत्गीता का विवेचन हुआ

है। जिन कागजों पर (1) दि डिक्लाइन एंड फाल आफ बुद्धिज्म

(बौद्ध धर्म की अवनति तथा पतन, (2) दि लिटरेचर ऑफ ब्राह्मेनिज्म

(ब्राह्मण साहित्य), तथा (3) वेदांत सूत्र एंड भगवत्गीता, टंकित किए

गए हैं, उनका आकार-प्रकार एक जैसा है, किंतु अन्य अध्यायों के

आकार-प्रकार से यह भाग भिन्न है -संपादक

I

बौद्ध धर्म के पतन के कारणों से संबंधित तथ्यों को उस ब्राह्मण साहित्य से छानबीन कर एकत्र किया जाना चाहिए, जो पुष्यमित्र की राजनैतिक विजय के बाद लिखा गया था।

इस साहित्य को छह भागों में बांटा जा सकता हैः (1) मनुस्मृति, (2) गीता, (3) शंकराचार्य का वेदांत, (4) महाभारत, (5) रामायण, और (6) पुराण। मैं इस साहित्य का विश्लेषण केवल इसी उद्देश्य से कर रहा हूं कि इससे उन तथ्यों का पता चल जाए, जो अनुमानतः बौद्ध धर्म के पतन के कारण रहे होंगे। चूंकि साहित्य समाज का ऐसा दर्पण होता है, जिसमें लोगों का जीवन देखा जा सके। यह कोई अनुचित