8. हिंदू समाज के आचार-विचार - Page 253

238 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

8.418. राजा वैश्यों और शूद्रों को अपना-अपना कार्य करने के लिए बाध्य करने

के बारे में सावधान रहे, क्योंकि जब ये लोग अपने कर्तव्य से विचलित हो जाते

हैं, तब वे इस संसार को अव्यवस्थित कर देते हैं।

अगर कोई राजा अपना यह कर्तव्य नहीं पूरा करता है, तब वह अपराध है और नियम में दंडनीय है।

8.335. पिता, आचार्य, मित्र, मां, पत्नी, पुत्र, परिवार का पुरोहित, इनमें से कोई

भी अगर अपने कर्तव्य में दृढ़ नहीं है, राजा के लिए अदंडनीय नहीं है।

8.336. जहां निम्न जाति का कोई व्यक्ति एक पण से दंडनीय है, उसी अपराध

के लिए राजा एक सहÐ पण से दंडनीय है और वह यह जुर्माना ब्राह्मणों को दे

या नदी में फेंक दे, यह शास्त्र का नियम है।

यदि कोई राजा इस व्यवस्था को नहीं मानता और कार्यान्वित नहीं करता, तब शासन करने का उसका अधिकार छीन लिया जा सकता है। मनु ऐसे राजा के विरुद्ध विद्रोह करने की अनुमति देता है।

8.348. जब ब्राह्मणों के धर्मचरण में बलात व्यवधान होता हो, तब द्विज शस्त्रास्त्र

ग्रहण कर सकते हैं, और तब भी जब द्विज वर्ग पर कोई भयंकर विपत्ति आ

जाए।

विद्रोह करने के अधिकार शूद्र वर्ण को नहीं, बल्कि केवल तीन उच्च वर्णों को गया है। यह बहुत स्वाभाविक है, क्योंकि इस व्यवस्था के कार्यान्वयन से इन्हीं तीन वर्णों को लाभ होता है। लेकिन कल्पना कीजिए कि अगर इस व्यवस्था को समाप्त करने में क्षत्रिय वर्ण राजा की सहायता करें, तब क्या किया जा सकता है? मनु सभी वर्णों, विशेष रूप से क्षत्रियों को दंड देने का अधिकार ब्राह्मणों को देता है।

11.31. ब्राह्मण जो धर्म ज्ञाता होता है, किसी के किसी भी अपराध की शिकायत

राजा से न करे, क्योंकि वह अपनी ही शक्ति से उन सभी लोगों को दंडित कर

सकता है, जो उसे क्षति पहुंचाते हैं।

11.32. उसकी निजी शक्ति जो केवल उसी पर निर्भर करती है, राजकीय शक्ति

से प्रबल होती है जो कि दूसरे व्यक्तियों पर निर्भर है। अतः ब्राह्मण अपनी शक्ति

के द्वारा ही अपने शत्रुओं का दमन कर सकता है।

11.33. वह निस्संकोच शक्तिशाली मंत्रों का प्रयोग कर सकता है जो अथर्वन को

प्राप्त हुए और जो उसके द्वारा अंगिरस को दिए गए, क्योंकि वाणी ही ब्राह्मण का

शस्त्रास्त्र है, जिससे वह अपने शत्रुओं का विनाश कर सकता है।

9.320. यदि कोई क्षत्रिय ब्राह्मण के विरुद्ध सभी अवसरों पर हिंसक ढंग से शस्त्र