3. गर्त में डूबा पुरोहितवाद - Page 29

14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. भूतों को भगाना,

  2. मिट्टी के घर में निवास करते समय तंत्र-मंत्र का प्रयोग करना,

  3. सांपों के तंत्र-मंत्र बोलना,

  4. जहर की तंत्र विद्या दिखाना,

  5. बिच्छू की तंत्र विद्या दिखाना,

  6. चुहिया की तंत्र विद्या दिखाना,

  7. पक्षी की तंत्र विद्या दिखाना,

  8. कौए की तंत्र विद्या दिखाना,

  9. यह भविष्यवाणी करना कि आदमी कितने वर्ष और जिएगा,

  10. मुसीबत से बचने के लिए तंत्र-मंत्र देना, और

  11. जानवरों को नियंत्रण में रखना।

ब्राह्मण निम्न स्तर की कला दिखाकर अपनी आजीविका कमाने के लिए गलत साधन अपनाते थे।

निम्नलिखित चीजों और प्राणियों में अच्छे और बुरे गुण बताते थे तथा उनके निशान देखकर उसके मालिक को शुभ या अशुभ बताते थेः

रत्न, तख्ता, पोशाक, तलवारें, बाण, धनुष, अन्य हथियार, स्त्री-पुरुष, लड़के, लड़कियां, दास-दासियां, हाथी, घोड़े, भैंस, सांड, बैल, बकरियां, भेड़, मुर्गा-मुर्गी, बटेर, गोह, हिलसा, कछुए और अन्य प्राणी।

ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाओं द्वारा अपनी आजीविका कमाने के लिए अनुचित साधन अपनाते थे, जैसे कि इस प्रकार की भविष्यवाणी करनाः

प्रमुख महोदय कूच करेंगे।

गृह प्रमुख आक्रमण करेंगे और शत्रु पीछे हट जाएंगे।

शत्रु प्रमुख आक्रमण करेंगे और हमारे प्रमुख हार जाएंगे।

गृह प्रमुख विजयी होंगे और हमारे प्रमुख हार जाएंगे।

विदेशी प्रमुख इस ओर विजयी होंगे और हमारे हार जाएंगे।

इस प्रकार यह पक्ष विजयी होगा, वह पक्ष हारेगा।

निष्ठावान व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले भोजन पर निर्वाह करने वाले ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाओं द्वारा अपनी आजीविका कमाने के लिए गलत साधन अपनाते थे, जैसे यह भविष्यवाणी करनाः

  1. चंद्र ग्रहण होगा,

  2. सूर्य ग्रहण होगा,

  3. नक्षत्रों का ग्रहण होगा,