3. गर्त में डूबा पुरोहितवाद - Page 30

गर्त में डूबा पुरोहितवाद

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  1. सूर्य अथवा चंद्रमा का विपथन होगा,

  2. सूर्य अथवा चंद्रमा अपने सामान्य पथ पर आ जाएंगे,

  3. नक्षत्रों का विपथन होगा,

  4. नक्षत्र अपने सामान्य पथ पर आ जाएंगे,

  5. जंगल में अग्निकांड होगा,

  6. उल्कापात होगा,

  7. भूचाल आएगा,

  8. भगवान वज्रपात करेंगे, और

12-15. सूर्य अथवा चंद्रमा अथवा नक्षत्रों का उदय और अस्त, उनके प्रकाश में

तीव्रता अथवा धुंधलापन अथवा पंद्रह प्रकार की भविष्यवाणी करना कि इनके

ऐसे परिणाम होंगे।

ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाओं द्वारा अपनी आजीविका कमाने के लिए अनुचित साधन अपनाते थे, जैसेः

  1. भारी वर्षा की भविष्यवाणी,

  2. कम वर्षा की भविष्यवाणी,

  3. अच्छी फसल की भविष्यवाणी,

  4. अनाज की कमी होने की भविष्यवाणी,

  5. शांति की भविष्यवाणी,

  6. अशांति की भविष्यवाणी,

  7. महामारी की भविष्यवाणी,

  8. अच्छी ऋतु की भविष्यवाणी,

  9. अंगुलियों पर गणना,

  10. अंगुलियों का इस्तेमाल किए बिना गणना,

  11. बड़ी संख्याओं का योग करना,

  12. गाथा और कवित्त की रचना करना, और

  13. वाक्छल दिखाना, कुतर्क करना।

निष्ठावान व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले भोजन पर निर्वाह करने वाले ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाओं द्वारा अपनी आजीविका कमाने के लिए अनुचित साधन अपनाते थे, जैसेः

  1. विवाहों के लिए शुभ दिन निश्चित करना, जिसमें वधू अथवा वर को घर

लाया जाता है,

  1. विवाहों के लिए शुभ दिन निश्चित करना, जिसमें वधू अथवा वर को भेजा

जाता है,