3. गर्त में डूबा पुरोहितवाद - Page 31

16 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. शांति की संधियों को संपन्न करने के लिए शुभ समय निश्चित करना (अथवा

सद्भावना प्राप्त करने के लिए तंत्र-मंत्र का प्रयोग करना), 4. युद्ध आरंभ करने के लिए शुभ समय निश्चित करना (अथवा विद्वेष उत्पन्न

करने के लिए तंत्र-मंत्र का प्रयोग करना),

  1. ऋण लेने के लिए शुभ समय निश्चित करना (अथवा पासा फेंकने में सफलता

के लिए मंत्रों का जाप करना),

  1. धन व्यय करने के लिए शुभ समय निश्चित करना (अथवा पासा फेंकरने

वाले प्रतिद्वंद्वी के दुर्भाग्य के लिए तंत्र-मंत्र का प्रयोग करना), 7. लोगों को भाग्यशाली बनाने के लिए तंत्र-मंत्र का प्रयोग करना, 8. लोगों को दुर्भाग्यशाली बनाने के लिए मंत्रों का जाप करना, 9. गर्भ गिराने के लिए मंत्रों का जाप करना,

  1. किसी व्यक्ति की बत्तीसी जकड़ने के लिए जादू-टोना करना,

  2. गूंगापन लाने के लिए जादू-टोना करना,

  3. किसी व्यक्ति से हार स्वीकार करवाने के लिए जादू-टोना करना,

  4. बहरापन लाने के लिए जादू-टोना करना,

  5. मायावी आइने से भविष्य-सूचक उत्तर प्राप्त करना,

  6. किसी भूत-ग्रस्त लड़की के माध्यम से भविष्य-सूचक उत्तर प्राप्त करना,

  7. देवता से भविष्य-सूचक उत्तर प्राप्त करना,

  8. सूर्य की पूजा करना,

  9. श्रेष्ठतम की पूजा करना,

  10. अपने मुंह से आग की लपटें निकालना, और

  11. भाग्य की श्रीदेवी को उत्पे्ररित करना।

ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाएं दिखाकर अपनी आजीविका कमाने के लिए गलत साधन अपनाते थे, जैसेः

  1. निश्चित लाभ हो जाने पर किसी देवता को भेंट अर्पित करने की प्रतिज्ञा

करना,

  1. ऐसी प्रतिज्ञाओं के लिए प्रार्थना करना,

  2. मिट्टी के मकान में रहते हुए तंत्र-मंत्र का जाप करना,

  3. पुंसत्व उत्पन्न करना,

  4. किसी आदमी को नपुंसक बनाना,

  5. आवासों के लिए शुभ स्थानों का निर्धारण करना,

  6. स्थानों को पवित्र बनाना,

  7. मुंह धोने का अनुष्ठान करना,

  8. नहाने का अनुष्ठान करना,