4. सुधारक और उनकी नियति - Page 55

40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(4) सूर्य अथवा चंद्रमा का विपथन होगा,

(5) सूर्य अथवा चंद्रमा अपने सामान्य पथ पर आ जाएंगे,

(6) नक्षत्रों का विपथन होगा,

(7) नक्षत्र अपने सामान्य पथ पर आ जाएंगे,

(8) उल्कापात होगा,

(9) जंगल में अग्निकांड होगा,

(10) भूचाल आएगा,

(11) देवता गर्जन करेंगे, और

(12-15) सूर्य अथवा चंद्रमा अथवा तारों का उदय और अस्त, उनके प्रकाश में

तीव्रता अथवा धुंधलापन अथवा पंद्रह प्रकार की भविष्यवाणी करना कि

इनके ऐसे-ऐसे परिणाम होंगे।

‘परिव्राजक गौतम ऐसी क्षुद्र कलाओं से दूर रहते हैं।’

  1. अथवा वह कह सकता हैः ‘जब कि निष्ठावान व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले भोजन पर निर्वाह करने वाले कुछ परिव्राजक और ब्राह्मण निम्न स्तर की कलाओं द्वारा अपनी आजीविका कमाने के अनुचित साधन अपनाते हैं, जैसेः

(1) भारी वर्षा की भविष्यवाणी,

(2) कम वर्षा की भविष्यवाणी,

(3) अच्छी फसल की भविष्यवाणी,

(4) अनाज की कमी होने की भविष्यवाणी,

(5) शांति की भविष्यवाणी,

(6) अशांति की भविष्यवाणी,

(7) महामारी की भविष्यवाणी,

(8) अच्छी ऋतु की भविष्यवाणी,

(9) अंगुलियों पर गणना,

(10) अंगुलियों का इस्तेमाल किए बिना गणना,

(11) बड़ी संख्याओं का योग करना,

(12) गाथा और कवित्त की रचना करना, और

(13) वाक्छल दिखाना, कुतर्क करना।

‘परिव्राजक गौतम इस प्रकार की क्षुद्र कलाओं से दूर रहते हैं।’

  1. अथवा वह कह सकता हैः ‘जब कि निष्ठावान व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले