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सुधारक और उनकी नियति

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  1. ‘गौतम, ये चार श्रेणियां हैंµकुलीन जन, ब्राह्मण, व्यापारी और श्रमिक जन। और इन चारों में से तीन, अर्थात कुलीन जन, व्यापारी और श्रमिक जन, वास्तव में ब्राह्मणों के सेवक हैं। इसलिए गौतम, न तो यह उपयुक्त है, और न भद्रोचित ही है कि शाक्य जो भृत्य और केवल भृत्य हैं, वे न तो ब्राह्मणों के प्रति श्रद्धा रखते हैं, न उन्हें महत्व देते हैं, न उन्हें उपहार देते हैं, और न उनका सम्मान ही करते हैं।’

इस प्रकार युवा ब्राह्मण अम्बट्ठ ने तीसरी बार शाक्यों पर भृत्य होने का लांछन लगाया।

  1. तब महाभाग ने इस प्रकार सोचाः यह अम्बट्ठ शाक्यों पर भृत्य कुलीन होने का आरोप लगाकर उन्हें नीचा दिखाने पर तुला हुआ है। मैं उससे उसकी अपनी वंश-परंपरा के बारे में भी पूछ सकता हूं।’ और उन्होंने उससे कहाः

अम्बट्ठ, तुम्हारा संबंध किस परिवार से है? हां, अगर कोई पितृ और मातृ

पक्ष की ओर से तुम्हारे पुराने नाम और तुम्हारी वंश-परंपरा का अध्ययन करे, तो

यह पता चलेगा कि किसी समय में शाक्य तुम्हारे स्वामी होते थे और तुम उनकी

किसी एक दासी की संतान हो। लेकिन शाक्य मूलतः स्वयं को ओक्काक राजाओं

के वंशधर बताते हैं।

अम्बट्ठ, बहुत समय पहले राजा ओक्काक ने अपनी चहेती रानी के पुत्र को

उत्तराधिकारी बनाने की इच्छा से अपने बड़े बच्चोंµओक्कमुख, करान्दा, हत्थीनिका

और सिनीपुरा को देश से निष्कासित कर दिया। इस प्रकार निष्कासित होने के बाद

उन्होंने हिमालय की ढलान पर, झील के किनारे आश्रय लिया, जहां एक विशाल

कोल (शाल) का वृक्ष विद्यमान था। और इस आशंका से कि कहीं उनके वंश की

पवित्रता को आंच न आए, उन्होंने अपनी बहनों से अंतर्विवाह कर लिया।

अब राजा ओक्काक ने अपने दरबार में मंत्रियों से पूछा, ‘श्रीमन्, अब बच्चे

कहां हैं?’

‘राजन, हिमालय की ढलान पर, झील के किनारे एक स्थान है, जहां एक

विशाल कोल (शाल) का वृक्ष विद्यमान है। वहीं वे रहते हैं। और कहीं उनके वंश

की पवित्रता पर आंच न आ जाए, इसलिए उन्होंने अपनी ही बहनों (शाक्य वंशीय)

से विवाह कर लिया है।

तब राजा ओक्काक ने प्रशंसा से अभिभूत होकर कहाः ‘वे युवक कोल

(शाक्य) के हृदय हैं, वे अपने वंश (परम शाक्य) को कायम रखे हुए हैं। अम्बट्ठ,

यही कारण है कि उन्हें शाक्यों के नाम से जाना जाता है। ओक्काक की दिशा नाम

की एक दासी थी। उसने एक काले बच्चे को जन्म दिया। और ज्यों ही वह उत्पन्न

हुआ, उस नन्हें से काले बच्चे ने कहा, ‘मां, मुझे धोओ। मां, मुझे नहलाओ, मां,