पन्द्रहवीं पहेली: ब्राह्मणों ने अहिंसक देवता के साथ रक्त-पिपासु देवी का विवाह क्यों किया? - Page 139

124 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. पके भोजन का भोग जो उसने बलि में चढ़ाया।

  2. बलि-स्थल की घास और अग्य आग में डाल दिया जाए, और वह अपनी

गायों को धुएं के बीच से निकालें।

  1. संततीय मंत्र पढ़ते हुए वह पशुओं के बीच जाएं।

  2. शौनक को नमन-शौनक को नमन।

आजकल शिव, पशु-बलि स्वीकार नहीं करते। शिव-पूजा का यह रूप अहिंसा स्वीकार करने के पश्चात् बदला है। हिंसा से अहिंसा अपनाने के बाद ब्राह्मणों ने शिव को हिंसक से अहिंसक बना डाला। शिव के अहिंसक देवता बन जाने के बहुत बाद काली-पूजा आरम्भ हुई। कुछ भी हो, उनकी पत्नी काली हिंसक देवी बन गई। परिण् ाम यह हुआ कि हमें अहिंसक (रक्तपातहीन) देवों को पत्नी रूप में क्रूर-रक्तपिपासु स्त्रियां (देवियां) मिलीं। क्या यह पहेली नहीं? ब्राह्मणों ने ऐसा क्यों किया?