परिशिष्ट-3: त्रिमूर्ति की पहेली - Page 184

परिशिष्ट-3

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  1. फिर क्षत्रप, शासक, न्यायाधीश, कोषाधिपति, अमात्य आदि उस समय तक

उपस्थित रहे जब तक कि राजा द्वारा बनवाई गई मूर्ति स्थापित हुई। 4. तब अग्रदूतों ने ऊंचे स्वर में कहा ‘‘हे लोगो! हे शासको! तुम्हारे लिए आदेश

है।’’

  1. कि जिस समय तुम वाद्यवृंद (कार्नेट, बांसुरी, वीणा, बीन, सारंगी, तारवाद्य)

सुनो तो नेबूचादनेज्जार द्वारा निर्मित स्वर्णमूर्ति को साष्टांग दंडवत् पूजा करो। 6. और जो कोई भी दण्डवत् नहीं करेगा, उसे आग में झौंक दिया जाएगा। 7. इसलिए उस समय जब सब लोगों ने विभिन्न वाद्यों का नाद सुना तो सभी

लोग, सभी राष्ट्र, बहुभाषा-भाषी लेट गए और नेबूचादनेज्जार राजा द्वारा

स्थापित मूर्ति की पूजा की।

  1. तभी कोई चाल डीएन्स वहां आया और यहूदियों को अपशब्द कहे।
  2. उन्होंने राजा नेबूचादनेज्जार से कहा ‘‘हे राजा तू अमर रहे।’’
  3. हे राजा! तूने एक आदेश जारी किया है कि जब कोई व्यक्ति विशेष वाद्यवृंद

सुने तो वह स्वर्णमूर्ति की पूजा करे।

  1. जो आदेश का पालन नहीं करेंगे उन्हें भट्टी में झौंक दिया जाएगा।
  2. कुछ ऐसे यहूदी हैं, जो आप के आदेश से बेबीलोन में बसे हैं। वे हैं शाद्राच,

मेशाच, अबेद-नेगो। हे राजा! ये तेरे आदेश का पालन नहीं करते, वे तेरे

देवता का वंदन भी नहीं करते, तेरे द्वारा स्थापित मूर्ति को नहीं पूजते। 13. तब नेबूचादनेज्जार भड़क उठा। तब कुपित राजा ने आदेश दिया कि शाद्राच,

मेशाच और अबेदा-नेगो को पेश किया जाए। तब वे राजा के सामने लाए गए। 14. नेबूचादनेज्जार ने उनसे पूछा- ‘‘क्या यह सच है शाद्राच, मेशाच, अबेद-नेगो

तुम मेरे देवता की दंडवत् अभ्यर्थना नहीं करते, स्वर्णमूर्ति की पूजा नहीं करते

जो मैंने स्थापित की है?

  1. अब तुम तैयार रहो। जब तुम अमुक-अमुक वाद्यों की आवाज सुनो तो झुक

कर उस मूर्ति की पूजा करो जो मैंने बनवाई हैं। परन्तु यदि तुम पूजा नहीं

करोगे तो तुम्हें तुरन्त दहकती हुई भट्टी में झौंक दिया जाएगा और ऐसा

कौन-सा देवता है जो तुम्हें मेरे हाथों से बचा लेगा।

  1. शाद्राच, मेशाच और अबेद-नेगो ने राजा से कहा ‘‘हे नेबूचादनेज्जार, इस

मामले में हम तेरी परवाह नहीं करते।