छठी पहेली: वेदों की विषय-सामग्री : क्या वे कोई नैतिक अथवा आध्यात्मिक मूल्य रखते हैं? - Page 51

36 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

यम कहता है-‘‘तुम्हारा मित्र ऐसी मित्रता की इच्छा नहीं रखता। एक ही मूल की होते हुए भी तुम्हारी प्रकृति दूसरे प्रकार की है। महान प्रजापति के बहादुर पुत्रों का स्वर्ग पर अधिकार है और वे हमें देख रहे हैं।’’

यमी कहती है-‘‘अमरत्व प्राप्त देवादि सहवास का सुख प्राप्त करते हैं जो मृत्यु लोक के लोगों के लिए मना है। आप मुझसे सहवास करें कि जिस प्रकार सबका निर्माता (ब्रह्मा) अपनी पुत्री का पति बना।’’

यम कहता है-‘‘हमने वह कर्म नहीं किया जो पहले किया गया है। हम सत्यवादी हैं अतः असत्य भाषण कैसे कर सकते हैं। गंधर्व (सूर्य) अंतरिक्ष जल धारण करने वाला और उसकी वधू हम दोनों के पिता-माता हैं, अतः हम सगे (भाई-बहन) हैं।’’

यमी कहती है-‘‘परमपिता प्रजापति ने हमें गर्भ में ही पति-पत्नी बना दिया। उसके कार्य में कोई बाधक नहीं। पृथ्वी और आकाश भी हमारे संबंध से परिचित हैं।’’

यम कहता है-‘‘हमारे प्रथम प्रणय को कौन जानता है। किसने यहां रहस्य से परिचित कराया हैं। मित्र और वरुण के स्थान दिन-रात के विषय में तू क्या कहती है। नर्क की सजा कौन देता है।’’

यमी कहती है-‘‘यम की वासना मुझ यमी को एक शैया पर सोने के लिए विवश करे। मैं पत्नी के रूप में पति को अपना सब कुछ समर्पित करती हूं। एक रथ के दो पहियों की भांति हम सहयोग कर वासना की पूर्ति करें।’’

यम कहता है-‘‘ईश्वर के दूत पृथ्वी पर सदा विचरण करते हैं और अपने नेत्र

खुले रखते है। ओ विनाशिनी शीघ्र किसी अन्य के साथ रमण कर जैसे कि एक गाड़ी के दो पहिए मिलते हैं और मेरा पीछा छोड़।’’

यमी कहती है-‘‘तुम्हारे ऊपर प्रत्येक पुजारी रात्रि और दिन का न्यौछावर करें, सदैव सूर्य के नेत्र खुलें, तुम्हारे लिए युगल (रात और दिन) संयुक्त होकर आकाश और पृथ्वी की भांति मिलें। मैं यम के वियोग को सहन न कर सकूं।’’

यम कहता है-‘‘आगे चलकर ऐसा समय आयेगा जब बहनें (पति के रूप में) उसे चुनेंगी तो उनके भाई नहीं होंगे। अतः भाग्यशालिनी मेरे अतिरिक्त अन्य के साथ अपनी भुजाओं को उसका तकिया बना।’’

यमी कहती है-‘‘उस भाई होने से क्या लाभ है जिसके रहते हुए भी बहिन पति विहीन रहे। उस बहिन के होने से क्या लाभ है जिसके रहते हुए भी भाई दुख उठाए। मैं कामाहत होकर ऐसे वचन बोल रही हूं। तुम मेरे शरीर से अपना शरीर भली-भांति मिलाओ।’’