8. विदेश के तदनुरूप उदाहरण - Page 123

108 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

या कैथोलिक पूजा-पद्धति पर दिया गया खर्च अंधविश्वास के प्रयोजनों पर किया गया खर्च समझा जाता है, इसलिए यह धनराशि जब्त की जा सकती है, अगर कोई व्यक्ति उसे हड़प लेता है, तब वह धनराशि कानून के तहत उससे वसूल नहीं की जा सकती। इस प्रकार की घटनाओं का उल्लेख किया जा सकता है।

  1. महामहिम की थल और जल सेना में काम करने वाले कैथोलिक अपने धर्म की रीति के अनुसार रविवार और अन्य त्यौहारों पर पूजा के लिए गिरजाघरों में नहीं जा सकते थे और उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध इन्हीं दिनों प्रोटेस्टेंट गिरजाघरों में जाने के लिए मजबूर किया जाता था। यह ऐसा दोष था, जिसके कारण बहादुर और वफादार सैनिकों में असंतोष व्याप्त था और यह असंतोष तब व्यक्त होता था, जब हर व्यक्ति से संगठित हो शत्रु का सामना करने के लिए यह अपेक्षा की जाती थी कि ऐसे क्षणों में यूनाइटेड किंगडिम एकजुट रहेगा।

  2. चार्ल्स द्वितीय के 13वें आदेश के द्वारा जिसे प्रायः कारपोरेशन एक्ट कहा जाता है, सभी कैथोलिक ईसाइयों को नगरों और कारपोरेशन के प्रशासन कार्य से वंचित कर दिया गया था।

  3. चार्ल्स द्वितीय के 25वें आदेश के द्वारा जिसे प्रायः टेस्ट एक्ट कहा जाता है, सभी कैथोलिक ईसाइयों को सिविल और सेना की नौकरियों से वंचित कर दिया जाता था।

  4. विलियम तृतीय के 7वें व 8वें आदेश के द्वारा लगभग 27वीं शताब्दी में रोम के कैथोलिक ईसाइयों को चुनाव में मत डालने से वंचित किया जा सकता है।

  5. चार्ल्स द्वितीय के 30वें आदेश, खंड 2 के द्वारा लगभग पहली शताब्दी में रोम के कैथोलिक पियरों को संसद में पैतृक आधार पर मिलने वाली सदस्यता से वंचित कर दिया गया था।

  6. इसी कानून के द्वारा रोम के कैथालिकों को हाउस आफ कामन्स में सदस्यता से वंचित कर दिया गया था।

  7. रोम के कैथोलिक ईसाइयों को अनेक कानूनों के द्वारा चर्च के अधि कारियों को अपनी संपत्ति का अधिकार हस्तांतरित करने से वंचित कर दिया गया था, जो कानून के तहत यहूदियों तक को मिला हुआ था।