112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
यहां के इंडियनों को कितने कषें को भोगना पड़ेगा। उसकी दया की भावना ने उसे नीग्रो लोगों के निःशुल्क आयात की स्वीकृति देने के लिए किंग आफ स्पेन को प्रार्थना-पत्र भेजने के लिए प्रेरित किया। स्पेन की सरकार ने 1511 में राजाज्ञा की कि भारी संख्या में नीग्रो लोगों को इस नई दुनिया में ले जाया जाए। इसके अनुसार माल की तरह नीग्रो लोगों से लदे जहाज इस नई दुनिया को मनुष्य का स्वर्ग बनाने के लिए यहां आए। कुछ वर्षों तक यहां के इंडियनों और नीग्रो लोगों दोनों ने साथ-साथ मिलकर कनक्विजटेडरों के अधीन काम किया। इंडियनों की तुलना में नीग्रो लोगों की काठी मजबूत सिद्ध हुई। एक कनक्विजटेडर का कथन है कि जब उसने चार ब्रिगोटाइनों के लिए जो अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर के बीच इस्थमस (जलसंधि) से होकर जाते थे, लकड़ी के लट्ठे भरने का काम किया तब उसने सैकड़ों इंडियनों और तीस नीगा्रे लोगों को इस काम पर लगाया था। अंत में उसे पता लगा कि इस काम में पांच सौ इंडियनों की मृत्यु हो गई और तीस के तीस नीग्रो वैसे के वैसे ही बच गए। ये नीग्रो लोग मरने से बच ही नहीं गए, बल्कि इतने हृष्-पुष् हो गए कि लोगों की तो यह आम धारणा-सी बन गई कि जब तक नीग्रो को फांसी नहीं दे दी जाती, तब तक वह नहीं मर सकता, क्योंकि अभी तक इनमें से कोई भी कमजोर होकर मरता नहीं सुना गया है।
नीग्रो लोगों ने अपने व्यवहार और आचरण से यह प्रमाणित कर दिया कि इंडियन लोगों की अपेक्षा वे अधिक उपयोगी साधन हैं। इस कारण इंडियन लोगों को तो छोड़ दिया जाता था और श्रमपूर्ण कार्य के लिए नीग्रो लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी। ऐसा इसलिए होता था कि विधाता ने इंडियनों को कम और नीग्रो को अधिक मजबूत बनाया है। इसका परिणाम यह हुआ कि इंडियन लोग तो गुलाम होने से बच गए, लेकिन नीग्रो लोगों के भाग्य में वह वस्तु आ गई जो कनक्विजटेडर उन पर लागू करना चाहते थे - एक ऐसा भाग्य जिसे अपनाने के लिए पवित्र और दयालू हृदय वाले पादरी लस कसास ने उन्हें आमंत्रित किया था और जिसके योग्य होने के बारे में नीग्रो लोगों ने अपने सामर्थ्य को स्वयं सिद्ध कर दिया था।
जब लोगों को यह पता चल गया कि ‘चार इंडियनों की अपेक्षा एक नीग्रो ज्यादा काम करता है’ तब नीग्रो लोगों का व्यापार करने के लिए तुरंत एक नियमित मंडी खुल गई। पुर्तगालियों ने अफ्रीका के पश्चिमी तट पर जो मंडी स्थापित की, उससे एकदम मुनाफा होने लग गया और यह स्वाभाविक था, क्योंकि नई दुनिया की अपार संपत्ति का उपयोग नीग्रो लोगों के श्रम के बिना असंभव था। लोग इस