विदेश के समान उदाहरण
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नए व्यापार में इस तरह तल्लीन हो गए कि पूर्व की ओर जाने के लिए नए रास्ते की खोज का काम जो शुरू ही हुआ था, वह छोड़ दिया गया।
व्यापार के इस नए क्षेत्र में भाग लेने के लिए यूरोप के विभिन्न देशों में कड़ा मुकाबला था। नई दुनिया से संपत्ति का जो प्रवाह हो रहा था, उस पर स्पेन और पुर्तगाल के एकाधिकार के बारे में पोप की ओर से एक आदेश जारी हुआ। अंग्रेजों और डचों को यह आशंका हो गई कि अमरीका के संसाधनों पर इस प्रकार एकाधि कार के हो जाने से सारे यूरोप को खतरा पैदा हो जाएगा और वह इसे न होने देने के बारे में दृढ़ थे।
अंग्रेजों ने अपने राष्ट्र के लाभ के लिए इस व्यापार को अपने हाथ में लेने के लिए ठोस रूप से पहल की। इस संबंध में पहला सौदा 1553 में हुआ, जब अफ्रीका के तट से चौबीस नीग्रो लाए गए और उन्हें चुपचाप अंग्रेजों के हाथ बेच दिया गया था। इनमें सबसे ज्यादा साहसी और जो इतिहास में सबसे बड़े निर्दयी आदमचोर के रूप में कुख्यात हुआ, जॉन हाकिन्स नाम का अंग्रेज था। एजिलाबेथ प्रथम से राजाज्ञा प्राप्त कर ‘जीसस’ नामक एक बड़ा जहाज लेकर वह अफ्रीका से नीग्रो लोगों को लाने के लिए समुद्री यात्रा पर निकल पड़ा। उसने इन नीग्रो लोगों को वहां से लाकर स्पेन की बस्तियों में बेच डाला। इसके बाद स्पेन के एकाधिकार को समाप्त करने का दृढ़ निश्चय कर सर फ्रांसिस ड्रेक ने हाकिन्स का अनुसरण किया। इन साहसपूर्ण यात्राओं में एक-दूसरे के जहाजों से माल की चोरी की घटनाओं को लेकर अंतर्राष्ट्रीय विवाद उठ खड़े हुए, जिनकी चरम परिणति स्पेन के युद्धपोतों के बेड़े के विरुद्ध संघर्ष हुआ और उसे नष् कर डाला गया।
ध्यान देने की बात यह है कि इन झगड़ों में प्रत्येक राष्ट्र निर्लज्जतापूर्वक इस बात का दावा करता था कि उसके राष्ट्रिकों द्वारा नीग्रो लोगों का दूसरे के जहाजों पर से उड़ाकर अपने जहाजों में भर लेने का काम व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं था, बल्कि सार्वजनिक हित में था, जिसे उनकी सरकार से समर्थन प्राप्त था।
ऐसा लगता है कि गुलाम बनाने के उद्देश्य से नीग्रो लोगों को लाने के लिए ‘जीसस’ नामक जहाज के उपयोग में निहित विडंबना पर्याप्त नहीं थी, इसलिए एक और घटना हुई जो उससे कम विडंबनापूर्ण नहीं थी। यह घटना थी ‘मेफलावर’ नामक जहाज द्वारा प्लाईमाउथ रॉक पर पिलग्रिम फादर्स (अंग्रज प्यूरिटन मतावलंबी पादरी लोगों का दल) के आगमन के साथ-साथ बारनेकल और अन्य समुद्री क्षतिकारक जीवाश्मों से क्षतिग्रस्त ब्रिग पोत (दो मस्तूल वाला जहाज) पर बीस नीग्रो लोगों का