10. हिंदू और उनके सामाजिक विवेक का अभाव - Page 150

हिंदू और सामाजिक विवेक का अभाव

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  1. अमरीकन मिशनरी एसोसिएशन 368,057 3,228,421 3,2000,000

  2. चर्च आफ क्राइस्ट (डिसीपिल्स) 91,072 ---- 5000,000

यूनाइटेड क्रिश्चियन मिशनरी सोसायटी

  1. लूथरेन इवैंजलिकल साइनोडिकल 74.900 ---- 175,000

कांफ्रेंस आफ नॉर्थ अमरीका

बोर्ड कलर्ड मिशन

  1. मैथोडिस्ट एपिसकोपल चर्च 259,264 1,962,729 500,000

बोर्ड ऑफ एजुकेशन

इंस्टीट्यूशन फार नीग्रोज

  1. मैथोडिस्ट एपिसकोपल चर्च 104,975 ---- 360,000

वीमेंस होम मिशनरी सोसायटी

  1. प्रेसबाइटेरियन चर्च इन दि 405,327 1,994,032 3,560,000

यू. एस. ए डिविजन आफ मिशन

फार कलर्ड पीपुल

  1. यूनाइटेड प्रेसबाइटेरियन चर्च 98,000 645,000 1,000,000

बोर्ड आफ मिशन फार फ्रामैन

ऐसा अनुमान है कि 1865 से लेकर 1930 तक धार्मिक और खैराती संस्थाओं द्वारा नीग्रो लोगों के उत्थान पर कुल 135,000,000 डालर खर्च किए गए। इस धनराशि में से 85,000,000 डालर श्वेत लोगों द्वारा दिए गए हैं।

अस्पृश्यों के उत्थान के लिए हिंदुओं ने क्या सेवाएं और क्या त्याग किया है। हरिजन सेवक संघ ख्1, ही केवल एक ऐसा संगठन है, जिस पर हिंदू गर्व कर सकते हैं। इसकी कुल पूंजी दस लाख रुपये से अधिक नहीं है। फुटकर और बेकार के कार्यों पर इसका खर्च प्रतिवर्ष कुछ हजार रुपये से ज्यादा नहीं है। यह कोई कल्याण कोष नहीं है। असल में यह एक राजनैतिक कोष है। इस कोष का प्रयोजन मुख्य रूप से अस्पृश्यों को अपने वोट हिंदुओं के लिए डालने के लिए राजी करना है।

  1. विस्तृत जानकारी के लिए मेरी पुस्तक ‘वाट कांग्रेस एंड गांधी हैव डन टू दि अनटचेबल्स’ देखें।